स्वास्थ्य लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
स्वास्थ्य लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 20 सितंबर 2016

कुलथी के औषधीय गुण और उपचार

कुलथी(दलहन) के गुण
------------------
 कुलथी को दक्षिण भारत में काफी ज्यादा खाई जाने वाली दलहन है। दक्षिण भारत में इसके अंकुरित दाने तथा इसके पकवान बनाए जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार इसमें अनेको स्वास्थ्य लाभ हैं। कुलथी के दानों में काफी सारा प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम और लौह होता है।

➡ किडनी स्टोन :
कुलथी के सेवन से पथरी टूट कर छोटी होती है, जिससे पथरी सरलता से मूत्राशय में जाकर पेशाब के रास्ते से बाहर आ जाती है।

➡ बुखार और सदी-खांसी :
कुलथी अस्थमा, बुखार, सदी-खांसी या जकड़न से निजात दिलाती है। थोड़ी सी कुलथी को पानी में उबालें, इस पानी से बुखार को नियत्रिंत करने में मदद मिलेगी।

➡ 🐝 मधुमेह 🍇 :
इसके नियमित सेवन से आपका बढा हुआ ग्लूकोज लेवल सामान्य भी हो सकता है।

➡ मासिक धर्म 👸 गड़बड़ी :
जिन महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होती है या फिर अनियमित माहवारी होती है, उनके लिये यह लाभकारी है। इसमें मौजूद लौह शरीर में हीमोग्लोबिन बढाता है।

➡ कब्ज :
इसमें मौजूद ढेर सारा फाइबर कब्ज में आराम दिलाता है। इससे पेट आराम से साफ हो जाता है।

➡ पेट की समस्या :
रोज इस्तेमाल करने पर कीड़ों से होने वाले इंफेक्शन और पेट की परेशानियाँ जैसे एसीडिटी आदि दूर रहतीं हैं।

➡ शुक्राणुओं 💂 की गिनती बढाए :
कुलथी में कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और अमीना एसिड होते हैं, जो कि स्पर्म बढ़ाने के लिये योगदान करते हैं। कुलथी सीमेन से गंदगी को बाहर भी निकाली है।

➡ मोटापा 🙌 कम करना :
यह शरीर की चर्बी को घटाती है और कफ जो कि मोटापे की जड़ है उसे दूर करती है। इसमें ढेर सारा प्रोटीन और फाइबर होता है, जिससे आसान से वजन कम होता है।

▶ कैसे करें प्रयोग :
कुलथी को रात भर पानी में भिगो कर रखना पड़ता है। सुबह इसे साफ पानी से धो कर कुकर में पका लें, जिससे इसकी सब्जी या सूप बना सके। अगर आप इसे स्प्राउट के रूप में खाएं तो इसकी पोषण छमता ज्यादा बढ जाएगी।

▶ किसे नहीं खाना 🚫 चाहिये :
प्रेगनेंट महिलाएं, जिन्हें वजन बढाना हो या फिर टीबी के रोगी को।

मेथी दाना का कमाल और औषधीय गुण

मेथी दाना
बहुत ही चमत्कारी दवा है :-

250 ग्राम मैथीदाना
100 ग्राम अजवाईन
50 ग्राम काली जीरा

उपरोक्त तीनो चीजों को साफ-सुथरा करके हल्का-हल्का सेंकना(ज्यादा सेंकना नहीं) तीनों को अच्छी तरह मिक्स करके मिक्सर में पावडर बनाकर कांच की शीशी या बरनी में भर लेवें ।

रात्रि को सोते समय एक चम्मच पावडर एक गिलास पूरा कुन-कुना पानी के साथ लेना है। गरम पानी के साथ ही लेना अत्यंत आवश्यक है लेने के बाद कुछ भी खाना पीना नहीं है। यह चूर्ण सभी उम्र के व्यक्ति ले सकतें है।

चूर्ण रोज-रोज लेने से शरीर के कोने-कोने में जमा पडी गंदगी(कचरा) मल और पेशाब द्वारा बाहर निकल जाएगी । पूरा फायदा तो 80-90 दिन में महसूस करेगें, जब फालतू चरबी गल जाएगी, नया शुद्ध खून का संचार होगा । चमड़ी की झुर्रियाॅ अपने आप दूर हो जाएगी। शरीर तेजस्वी, स्फूर्तिवाला व सुंदर बन जायेगा ।

‘‘फायदे’’
1. गठिया दूर होगा और गठिया जैसा जिद्दी रोग दूर हो जायेगा ।
2. हड्डियाँ मजबूत होगी ।
3. आॅख का तेज बढ़ेगा ।
4. बालों का विकास होगा।
5. पुरानी कब्जियत से हमेशा के लिए मुक्ति।
6. शरीर में खुन दौड़ने लगेगा ।
7. कफ से मुक्ति ।
8. हृदय की कार्य क्षमता बढ़ेगी ।
9. थकान नहीं रहेगी, घोड़े की तहर दौड़ते जाएगें।
10. स्मरण शक्ति बढ़ेगी ।
11. स्त्री का शारीर शादी के बाद बेडोल की जगह सुंदर बनेगा ।
12. कान का बहरापन दूर होगा ।
13. भूतकाल में जो एलाॅपेथी दवा का साईड इफेक्ट से मुक्त होगें।
14. खून में सफाई और शुद्धता बढ़ेगी ।
15. शरीर की सभी खून की नलिकाएॅ शुद्ध हो जाएगी ।
16. दांत मजबूत बनेगा, इनेमल जींवत रहेगा ।
17. नपुसंकता दूर होगी।
18. डायबिटिज काबू में रहेगी, डायबिटीज की जो दवा लेते है वह चालू रखना है। इस चूर्ण का असर दो माह लेने के बाद से दिखने लगेगा । जिंदगी निरोग,आनंददायक, चिंता रहित स्फूर्ति दायक और आयुष्ययवर्धक बनेगी । जीवन जीने योग्य बनेगा ।

कुछ लोग कलौंजी को काली जीरी समझ रहे है जो कि गल्त है काली जीरी अलग होती है जो आपको पंसारी/करियाणा की दुकान से मिल जाएगी जिसके नाम इस तरह से है

हिन्दी कालीजीरी, करजीरा।
संस्कृत अरण्यजीरक, कटुजीरक, बृहस्पाती।
मराठी कडूकारेलें, कडूजीरें।
गुजराती कडबुंजीरू, कालीजीरी।
बंगाली बनजीरा।
अंग्रेजी पर्पल फ्लीबेन।

विशिष्ट पोस्ट

बिहार की सियासत में मुसलमानों की भागीदारी

बिहार की सियासत में मुसलमानों की भागीदारी न के बराबर है जिसका खामियाजा बिहार के मुसलमानों को उठाना पड़ रहा है। बिहार में मुसलमानों की आबादी 1...